आज बैठे बैठे मेरे मन में एक सवाल आया कि क्या सोच कर... किसने.. आखिर क्यो ये अंगूर की बेटी बनाई... और क्यों लौग उसको हर वक्त पीना चाहते है... इस बात से खफा हो गई अंगूर की बेटी और बोली अरे बेवफा हो तुम में करती हूं वफा जो खुशी तो खुशी गम में भी लोगो का साथ देती हूं।
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